Short Story

 प्राचीन समय में एक राजा रहता था जिसने एक बार एक बड़ा सा पत्थर एक सड़क के बीच मे रख दिया, और एक झाड़ के पीछे छिपकर बैठ गया ये देखने के लिये कि उस पत्थर को सड़क से कोन हटाता है।

उस सड़क से बहुत सारे लोग आये-गये लेकिन किसी ने भी उस पत्थर को हटाया नहीं और सब लोग पत्थर के किनारे से निकल गये। सब लोग केवल राजा को दोष दे रहे कि कैसा राजा है, सड़क को भी साफ नहीं करवाता लेकिन उनमें से किसी ने भी उस पत्थर को वहा से हटाया नहीं।

एक दिन वहा से सब्जी की टोकरी लिये एक किसान जा रहा था और उसने देखा कि रास्ते में एक बड़ा सा पत्थर पड़ा हुआ है, उसने अपनी सब्जी की टोकरी को नीचे उतारकर उस पत्थर को वहा से हटाने लगा। पत्थर काफी बड़ा था तो उसे वो पत्थर हटाने में बहुत मेहनत करनी पड़ी लेकिन उसने वो बड़ा सा पत्थर वहा से हटा दिया।

पत्थर हटाने के बाद उस किसान कि नजर पत्थर के नीचे दबे एक थैले पर पड़ी जो बहुत सारे सोने के सिक्के, रुपिये-पैसे, हीरे-जवाहरात से भरा हुआ था। पत्थर हटने के बाद राजा बाहर आया और उस किसान से कहा कि ये सोने-चाँदी, हीरे-जवाहरात से भरा थैला उसका था जो इस पत्थर को हटाता। यहां से बहुत सारे लोग गुजरे लेकिन किसी ने भी पत्थर नहीं हटाया और अंत मे तुमने इस प्त्थर को हटाया इस्लिये ये थैला तुम्हारा हुआ।

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