Category: Ghazals

गजल

खूबसूरत शहर, ये अलग बात हैरोज बरसे कहर, ये अलग बात हैदूध, घी की नदी मुल्क में बह रहीपी रहे है जहर ये अलग बात हैकोई तूफां समंदर में आता नहींकांपती है लहर ये...

ग़ज़ल

क्या हक़ीक़त कहूं कि क्या है इश्क़ – मीर तक़ी मीर क्या हक़ीक़त कहूं कि क्या है इश्क़हक़-शनासों के हां ख़ुदा है इश्क़ दिल लगा हो तो जी जहां से उठामौत का नाम प्यार का है इश्क़...

ग़ज़ल

हर घड़ी यूँ ही सोचता क्या है?क्या कमी है ,तुझे हुआ क्या है? किसने जाना है, जो तू जानेगाक्या ये दुनिया है और ख़ुदा क्या है? दर-बदर खाक़ छानते हो तुमइतना भटके हो पर...

मेरे अल्फाज़ क्या ज़िंदगी होती है बेटियों की

क्या जिंदगी होती है बेटियों की ?क्या जिंदगी होती है बेटियों की ?ये बेटियां ही समझे, किसी ने सही समझा नही… जन्म लेना, पलना, बढ़ना कहीं,ज़िंन्दगी के पूरे लम्हें बिताना कहीं,मां-बाप के घर रौशन...

ग़ज़ल

कहीं वो ग़ज़ल तो नहींचंचल हिरनी झरने सी उन्मुक्त हंसीहुस्न बेमिसाल पूरी कायनात सीकहीं वो ग़ज़ल तो नहीं।कंचन काया तरासी सुवर्ण सीघनी जुल्फें घनघोर घटा सीकहीं वो ग़ज़ल तो नहीं।दिल में चुभी नज़र इक...

ग़ज़ल

कुछ समझ नहीं आता मज़ारों पर उनकी जलाए जाते हैं चिराग,जीते जी जिन्हे रही उजाले की दरकार,अजब रिवायत है जमाने की,कुछ समझ नहीं आता । जिंदगी भर जिस अभागे का दिया न किसी ने...

‘कुछ तो कहिए’ से गुलज़ार की लिखी बेहतरीन ग़ज़लें काव्य

  दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई  आईना देख के तसल्ली हुई हम को इस घर में जानता है कोई  पक गया है शज़र पे फल शायद फिर से पत्थर उछालता है...

दिवाली ग़ज़ल

आँखों के दीये रौशन ,दिल नूर के प्याले हैं . क्या खूब दिवाली है ,क्या ख़ूब उजाले हैं . इस बार के मिलने पर एहसास ये जागा है . पहचान पुरानी है ,अंदाज़ निराले...

ख्वाब आँखों में…

ख्वाब आँखों में जितने पाले थे,  टूट कर के बिखर ने वाले थे।  जिनको हमने था पाक दिल समझा,  उन्हीं लोगों के कर्म काले थे।  पेड़ होंगे जवां तो देंगे फल,  सोच कर के...

हर एक चेहरे पर…

हर एक चेहरे पर मुस्कान मत खोजो,  किसी के नसीब का अंजाम मत खोजो।  डूब चुका है जो गंदगी के दलदल में,  रहने दो यारो उसमें ईमान मत खोजो।  फंस गया है जो मजबूरियों...